हल्द्वानी, दिसम्बर 18 -- हल्द्वानी, संवाददाता। भारतीय जीवन बीमा निगम में कार्यरत सभी अधिकारियों कर्मचारियों ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 100 प्रतिशत करने के विरोध में गुरुवार को प्रदर्शन किया। वक्ताओं का कहना है कि सरकार 'सबका बीमा' के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। विदेशी निवेश बढ़ाने से घरेलू बचत पर विदेशी कंपनियों का कब्जा हो जाएगा, जिनका एकमात्र लक्ष्य मुनाफा कमाना है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि निजी कंपनियां केवल अमीर वर्ग पर ध्यान देंगी, जिससे गरीब, मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बीमा सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। इससे भारतीय जीवन बीमा निगम जैसी संस्थाएं कमजोर होंगी, जिन्होंने देश की 70 फीसदी आबादी को सुरक्षा दी है। साथ ही, आईआरडीए को अधिक अधिकार देने से इस क्षेत्र पर संसद का नियंत्रण भी कम हो जाएगा। आरोप है कि सरकार बहुर...
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