धनबाद, सितम्बर 6 -- अमित वत्स, धनबाद बीबीएमकेयू के विभिन्न लॉ कॉलेजों से एलएलबी की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय की लापरवाही भारी पढ़ रही है। भारत सरकार ने एक जुलाई 2024 को अधिकारिक रूप से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)/ आपराधिक कानून को लागू कर दिया, लेकिन अब तक बीबीएमकेयू के लॉ सिलेबस में इसे शामिल नहीं किया गया है। यही नहीं संशोधित उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, नए मोटर व्हीकल एक्ट समेत अन्य संशोधित कानून भी सिलेबस में नहीं है। एलएलबी के छात्र-छात्राएं सीधे तौर पर इसके लिए विश्वविद्यालय को जिम्मेवार मानते हैं। एलएलबी की पढ़ाई कर रहे छात्र रितेश मिश्रा का कहना है कि वर्ष 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट व कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट में बदलाव हो गया है, लेकिन हमलोगों के सिलेबस में इसे अब तक शामिल नहीं किया गया है। हमलोगों ने विश्वविद्यालय...
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