पटना, जनवरी 31 -- बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने संयुक्त (मुख्य) प्रतियोगिता परीक्षा के असफल अभ्यर्थियों द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया है। आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि अभ्यर्थी आरती कुमारी एवं शाहीन खातून ने बिना किसी ठोस साक्ष्य के आयोग की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया तथा परीक्षकों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। दोनों उम्मीदवारों को तीन वर्षों के लिए आयोग की परीक्षा से प्रतिबंधित किया जाता है। आयोग ने आरोपों के संबंध में दोनों अभ्यर्थियों से 02 जनवरी को साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन दोनों अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकीं। आयोग के अनुसार, दोनों ने अपनी उत्तर-पुस्तिकाओं के स्वमूल्यांकन के आधार पर परीक्षकों की निष्पक्षता पर अनुचित टिप...