गया, फरवरी 10 -- बांकेबाजार के सीएचसी में मंगलवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ किया गया। बीडीओ उदय कुमार ने स्वयं फाइलेरिया की दवा खाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। डॉ. अवधेश कुमार ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है, यह आजीवन विकलांगता का कारण बन सकता है। इसका एकमात्र बचाव फाइलेरिया रोधी दवाएं हैं। बीसीएम संतोष कुमार ने बताया कि फाइलेरिया रोग के लक्षण मच्छर काटने के पांच से 15 वर्षों के बाद नजर आते हैं। एक बार बीमारी हो जाने पर इसका कोई इलाज नहीं है, ऐसे में बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है। मौके पर डॉ विद्यानंद सिंहा, बीसीएम संतोष कुमार, एमएनई जयप्रकाश, बीएचएम शुभम, नबी हसन, वीरेंद्र शर्मा आदि थे।
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