नई दिल्ली, दिसम्बर 2 -- मनु जोसेफ, पत्रकार और उपन्यासकार हमारा मीडिया जो एक खतरनाक काम करता है, वह है- आत्महत्या के लिए फौरन 'कारण' बताना। इस तरह की मौत के लिए बताई गई कोई भी आम वजह खतरनाक ही नहीं, गलत भी हो सकती है, फिर चाहे उस कारण का जिक्र मरने वाले व्यक्ति ने अपने सुसाइड नोट में ही क्यों न किया हो। जब व्यक्ति की मानसिक अवस्था अच्छी होती है, तब जो बातें वह कहता है, उनको गंभीरता से नहीं लिया जाता, लेकिन उसके सबसे बुरे समय में लिखे गए 'सुसाइड नोट' को उसके आखिरी समय का सच मान लिया जाता है। जब कोई ऐसा नोट नहीं मिलता, तब मृतक के परिजनों की बातों में से एक कारण ढूंढ़ लिया जाता है और उसे ही प्रचारित किया जाता है। कभी-कभी राजनीतिक मकसद से भी कोई मुफीद वजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जाती। इन दिनों बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) की आत्महत्याओं को लेकर ज...
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