भागलपुर, फरवरी 3 -- बलराम मिश्र भागलपुर। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर के वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए लगातार शोध कर रहे हैं। इसी के तहत बीएयू ने सिंदूर की खेती के लिए प्लांट टिश्यू कल्चर लैब में पौधा विकसित करने की कवायद शुरू की है। पहले चरण में बीएयू ने सिंदूर का जो पौधा विकसित किया है, उसके खेतों में बिहार की जलवायु में बेहतर परिणाम मिला है। अब तक करीब 2000 पौधा तैयार किया गया है। कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह के मार्गदर्शन में यह काम चल रहा है, ताकि किसानों को सिंदूर की खेती में ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। अंकुरण क्षमता को बढ़ाया गया बीएयू में सिंदूर पर काम कर रहे वैज्ञानिक ने बताया कि बिहार की जलवायु में सिंदूर का पौधा लगाने पर अंकुरण क्षमता कम की शिकायत आती थी। पौधे लगाने के बाद ज्यादा बड़े नहीं होते थे। इस कार...