आरा, दिसम्बर 25 -- बिहिया। आस्था की केंद्र मां महथिन के अनकहे इतिहास को अब बिहिया की बेटी ने दुनिया के सामने रखा है। हृदय रोग से जूझ रहीं लेखिका नीतू सुदीप्ति 'नित्या' की पुस्तिका 'महथिन की डोली' साहित्यप्रीत पब्लिकेशन से प्रकाशित हुई है। 120 पन्नों की यह किताब मंदिर को 'सुहाग मंदिर' कहे जाने, रेलवे लाइन उखाड़ने के रहस्य और रागमती के 'महथिन' बनने की पूरी गाथा समेटे हुए है।
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