पटना, जुलाई 6 -- राज्य में संपूर्ण टीकाकरण अभियान स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि रही है। मिली जानकारी के अनुसार साल 2002 में जहां केवल 18 फीसदी बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण होता था, वहीं 2024 में यह आंकड़ा 90 फीसदी तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि मिशन इंद्रधनुष, नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर, आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सक्रियता इस कामयाबी की रीढ़ बनी। वहीं, संस्थागत प्रसव के आंकड़े में भी काफी वृद्धि हुई है। बिहार में साल 2005 तक राज्य में मात्र 19.9 फीसदी महिलाएं संस्थागत प्रसव (अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव) का विकल्प चुनती थीं। इससे जच्चा-बच्चा दोनों की जान को खतरा बना रहता था। वहीं, वर्ष 2019-20 तक यह आंकड़ा बढ़कर 76.2 फीसदी तक पहुंच गया है। सरकार की ओर ज...
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