मुख्य संवाददाता, जुलाई 29 -- बिहार में बंगाली शरणार्थियों की खोज शुरू हो गई है। अब इन शरणार्थियों के वंशजों की पहचान की जाएगी। इसको लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सहायक निदेशक भू-अर्जन सह संयुक्त सचिव ने सभी समाहर्ताओं से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मांगने का मुख्य मकसद शरणार्थी परिवारों को मिली भूमि शरणार्थियों के वंशजों के दखल में है या नहीं? दरअसल इन शरणार्थियों के लिए पूर्ण रैयतीकरण का नियम-कानून बनाने की मांग विधानसभा में हो चुकी है। वर्ष 1971 में ऐसे शरणार्थियों की गृह मंत्रालय से लगातार खोज हो रही है। सहायक निदेशक ने समाहर्ताओें को कहा कि रैयतीकरण का नियम-कानून बनाने के लिए बिहार विधानसभा सचिवालय को जवाब जल्द दिया जाना है। डीएम से कहा गया है कि जिलों में बंगाली शरणार्थी परिवारों को आवंटित या बंदोबस्त भूमि के समग्र आंकड़ों के साथ...
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