पटना, नवम्बर 24 -- मां का दूध नवजात को कई तरह के संक्रमण से बचाता है। यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी जरूरी होता है। इसलिए डॉक्टर हर नवजात को छह माह तक स्तनपान कराने पर जोर देते रहे हैं। लेकिन, बिहार में हाल ही में हुए एक शोध में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिसर्च की रिपोर्ट में राज्य के छह जिलों में मां के दूध में यूरेनियम की मौजूदगी का दावा किया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि राज्य के छह जिलों में स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध में यूरेनियम (यू-238) मौजूद है। इससे नवजात और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। उनके कई तरह की बीमारियों के चपेट में आने का भी खतरा है। इसका कारण भूजल में यूरेनियम की मौजूदगी बताया गया है। यानी दूषित भूजल मां के दूध को भी दूषित कर रहा है। यह भी पढ़ें- दिलीप जायसवाल के मंत्री...
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