पटना, फरवरी 11 -- बिहार के हर प्रमंडल में नेत्रहीन और मूक बधिर विद्यालय खोले जाएंगे। इनकी क्षमता 500-500 बेड प्रति विद्यालय होगी। नीतीश सरकार ने बुधवार को विधानसभा में बजट सत्र के दौरान यह घोषणा की। सामाजिक कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि ऐसे सभी स्कूलों को 8वीं से प्लस टू यानी 12वीं तक क्रमोन्नत किया जाएगा। राज्य सरकार ने दिव्यांग से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के नियम में भी बदलाव की घोषणा की। अब 60 फीसदी की जगह शारीरिक रूप से 40 फीसदी दिव्यांग व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। बिहार में अभी दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष स्कूलों की संख्या कम है। मंत्री सहनी ने सदन के अंदर बताया कि अभी राज्यभर में सिर्फ तीन नेत्रहीन विद्यालय ही हैं, जो पटना, दरभंगा और भागलपुर में स्थित हैं। इसके अलावा पटना में दो और भागलपुर, दरभंगा एवं मुंगेर में एक-एक ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.