हिन्दुस्तान ब्यूरो, फरवरी 4 -- बिहार के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन समिति का गठन होगा। वहीं, प्रत्येक पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-3 के तहत यह निर्णय लिया गया है। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को विधानमंडल में राज्य का बजट पेश करते हुए इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि चतुर्थ कृषि रोडमैप के तहत वर्ष 2026-27 में डेयरी एवं मत्स्य पालन पर जोर दिया जाएगा। इसी के तहत हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति का गठन होगा। साथ ही मधेपुरा में शीतक केंद्र की स्थापना होगी। इसकी क्षमता 50 किलोलीटर प्रतिदिन की होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में मत्स्य की उपलब्धता 60 फीसदी जनसंख्या के आधर पर 12.21 किलोग्राम है। इस वर्ष 2044 मिलियन मत्स्य बीज का वार्षिक उत्पादन हुआ है। मत्स्य उत्पादन में बिहार...