पटना, मई 5 -- बिहार की सियासत में एक अहम फैक्टर दलित वोट बैंक है, जिस पर सभी सियासी दलों की नजर है। दलितों की राज्य में करीब 19 फीसदी आबादी है। जिसको लेकर आगामी चुनाव के लिए सभी दल रणनीति बना रहे हैं। फिर चाहे वो महागठबंधन हो या फिर एनडीए। हाल ही 14 अप्रैल को बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की जयंती पर पटना में नीतीश कुमार की जेडीयू और भारतीय जनता पार्टी ने बड़े स्तर पर कार्यक्रम किए थे। जिसमें जदयू का भीम संवाद शामिल था। वहीं भाजपा ने पार्टी का स्थापना दिवस 6 से 14 अप्रैल तक मनाया था। अब एनडीए की एक और सहयोगी चिराग पासवान की लोजपा (आर) ने भी बहुजन भीम समागम की शुरुआत का ऐलान किया है। लोजपा (रामविलास) के जमुई सांसद अरुण भारती ने 18 मई को नालंदा के बिहारशरीफ से बहुजन भीम समागम की शुरुआत करने की घोषणा की है। इसके बाद बिहार के दूसरे जिलों में भी ...
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