सुपौल, जून 13 -- बीएसएस कॉलेज में 2018 में हुई थी शुरू, तीन साल बाद से ही बंद पड़ी भागलपुर स्थित टीएनबी कॉलेज के बाद सूबे की दूसरी सबसे बड़ी लैब मंत्री बिजेन्द्र यादव की पहल पर हुई थी शुरुआत, अब दम तोड़ रही लैब से अबतक बांस उत्पादक किसानों एक लाख पौधे बांटे जा चुके लैब में तैयार किये जा रहे थे बैंब्यूसा बालकुआ (बरौत) प्रजाति के बांस सुपौल। सुपौल के भारत सेवक समाज (बीएसएस) कॉलेज स्थित बिहार की दूसरी सबसे बड़ी टिशू कल्चर लैब फंड के अभाव में बंद पड़ी है। दो करोड़ 10 लाख की राशि से नर्मिति इस लैब का उद्घाटन तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने एक अगस्त 2018 को किया था। एक साल तक इस लैब में वैज्ञानिकों ने शोध कर बांस की उन्नत कस्मि की प्रजातियां तैयार कीं। इसके बाद साल 2019 से वन विभाग के माध्यम से सुपौल समेत कोसी प्रमंडल के अन्य दो मधे...
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