गोंडा, फरवरी 7 -- मेहनौन, संवाददाता। ब्रिटिश हुकूमत के दौरान इटियाथोक में बना बिसुही पुल जीर्णशीर्ण स्थिति में है। वर्ष 1912 में बिसुही पुल का निर्माण हुआ था। पुल के निर्माण में राबिश, ईंट,चूना और लोहे के मजबूत लम्बे-लम्बे गर्डर का इस्तेमाल हुआ था। पुल अब 113 वर्ष पुराना हो चुका है। पुल की स्थिति जीर्णशीर्ण हो चुकी है। शनिवार को राष्ट्रीय छात्र पंचायत के पदाधिकारियों ने बिसुही पुल निर्माण के लिए हस्ताक्षर अभियान कार्यक्रम शुरू किया। राष्ट्रीय छात्र पंचायत के अध्यक्ष शिवम पाण्डेय ने बताया अंग्रेजों के जमाने में बने बिसुही पुल का निर्माण होना अत्यंत आवश्यक है। इसी पुल से सूबे के मुख्यमंत्री का भी काफिला गुजर चुका है। जर्जर हो चुकी बिसुही पुल के नीचे छत में भी दरार पड़ चुकी है। उसमें लगा लोहे का लम्बा गर्डर भी दयनीय स्थिति में है। उन्होंने ब...