जमशेदपुर, जून 17 -- महिला स्वयं सहायता समूह महासंघ की ओर से संचालित बिष्टूपुर के बिपनी शोरूम का राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) दिल्ली से आए युवा डिज़ाइनर्स ने दौरा किया और पारंपरिक कारीगरी को करीब से देखा। ये डिज़ाइनर अपने ग्रामीण लोकल कारीगरों को जानने के अभियान नो लोकल विलेज क्राफ्ट पर्सन्स के तहत दौरा करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने देखा कि कैसे जनुमदिह, आमडूबी, खरसावां, इचागढ़, बेंध, कुईलिसुटा, जसकांदीह, सरजमदा, असनबोनी और धर्मटोला जैसे गांवों के पारंपरिक कारीगर 2008 से कला मंदिर की पहल पर एकजुट हुए। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि कला मंदिर की यह यात्रा 1997 में शुरू हुई थी, जब घोड़ाबेगी के गुंथा लायक, जनुमदिह की सरला सरदार, खूंटी के लगनु माल्होर और सरायकेला के कन्हैया लाल महाराणा जैसे कारीगरों के साथ एक छोटे से प्रयास की ...
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