रामपुर, फरवरी 21 -- स्थानीय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ईंट के भट्ठे पर बंधुआ मजदूरी करने वाले ग्यारह परिवारों को मुक्त करवाया। साथ ही भट्टा संचालक को जमकर हड़काया और दोबारा बंधुआ मजदूरी करवाने पर क़ानूनी कार्रवाई का रौब दिखाया। किसी व्यक्ति ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को एक शिकायती पत्र प्रेषित किया और न्याय की गुहार लगाई। उसने आरोप लगाया कि खजुरिया थाना क्षेत्र के गांव मंसूरपुर स्थित एक ईंट के भट्ठे पर मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। उन्हें बंधक बनाकर मजदूरी करवाई जा रही है। उनके भट्ठे से बाहर निकलने तक पर पाबंदी है और बीमारी की हालत में चिकित्सक के पास तक नहीं जाने दिया जाता है। बंधक बने महिला, पुरुष और नाबालिग बच्चों से जबरन मजदूरी करवाई जाती है तथा वहां से भागने की बात पर जान से मारने तक की धमकियां दी जाती हैं। इसके अलावा संचालक ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.