पाकुड़, दिसम्बर 19 -- महेशपुर। महेशपुर प्रखंड अंतर्गत चंडालमारा पंचायत के चंडालमारा गांव निवासी तरुण पाल की जिंदगी में मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना उसके लिए आत्मनिर्भर बनने की राह सुलभ की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में तरुण पाल की एक एकड़ बंजर भूमि को मनरेगा की बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से विकसित किया गया। जिससे न केवल उनकी आजीविका के नए द्वार खुले, बल्कि पूरे गांव के लिए यह एक सफल मॉडल बनकर उभरा। तरुण पाल की भूमि लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी हुई थी। ग्राम सभा में प्रस्तावित होने के बाद पंचायत स्तर पर योजना स्वीकृत हुई। और मनरेगा के तहत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत एक एकड़ में बागवानी कार्य प्रारंभ कराया। योजना के संचालन में उनके परिवार सहित स्थानीय ग्रामीण मजदूरों की सहभागिता ने रोजगार सृजन की नई राह खोल दी है। योजना के साथ ही...