धनबाद, अक्टूबर 14 -- धनबाद झारखंड के पुरोधा स्व. बिनोद बिहारी महतो ने कभी नहीं कहा कि कुड़मी महतो को आदिवासी को दर्जा मिले। इसके लिए उन्होंने कभी आंदोलन, कभी धरना प्रदर्शन नहीं किए। उक्त बातें झारखंड आंदोलनकारी जगत महतो ने कही। बताया कि उन्होंने लंबे समय तक बिनोद बाबू के साथ कई आंदोलनों में साथ काम किया। उनके साथ जेल भी गए, लेकिन कभी नहीं सुना को वह कुड़मी जाति को आदिवासी का दर्जा दिलाने के पक्ष में हों। उन्होंने सदैव कहा कि कुरमी-मांझी भाई-भाई, बिहार से लड़ के लेंगे पाय-पाय, लेकिन वर्तमान समय में कुछ नेता राजनीतिक लाभ के लिए सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। विनोद बाबू बराबर बोलते थे इस तरह का अन्दोलन में स्व सिनोद इन सिनोद आपका विशवासी बिहारी महतो के आत्मा में ऐस आयुक्त मेह डेस
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