नई दिल्ली, जनवरी 3 -- राजस्थान में सड़क हादसों और मेडिकल इमरजेंसी के बढ़ते मामलों के बीच 108 और 104 एम्बुलेंस सेवाओं की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। प्रदेश की इन अहम जीवनरक्षक सेवाओं में आज भी जीपीएस आधारित लाइव लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम नहीं है। नतीजा यह कि गंभीर हालात में एम्बुलेंस को घटनास्थल तक पहुंचने में अनावश्यक देरी हो रही है, और कई बार यह देरी मरीज की जान पर भारी पड़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए अब गृह विभाग से 108 और 104 एम्बुलेंस कॉल सेंटर को जीपीएस आधारित मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग सुविधा से जोड़ने की औपचारिक मांग की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के निदेशक डॉ. अमित यादव ने इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को पत्र लिखकर व्यवस्था में तकनीकी सुधार की जरूरत बताई है। फोन पर लोकेशन पूछकर ...