जमशेदपुर, फरवरी 20 -- कोल्हान विश्वविद्यालय एक के बाद एक विवाद में फंसता जा रहा है। ताजा मामला संविदा आधारित बीएड एवं वोकेशनल के शिक्षकों के मानदेय भुगतान का है। विश्वविद्यालय ने इन शिक्षकों का सेवा विस्तार पिछले आठ माह से रोक कर रखा है, लेकिन इस बीच बिना सेवा विस्तार के तीन माह के मानदेय का भुगतान सभी बीएड व वोकेशनल शिक्षकों को कर दिया है। अब इस मामले में विश्वविद्यालय को राजभवन को जवाब देना होगा कि जब शिक्षकों को सेवा विस्तार दिया ही नहीं गया और वे औपचारिक तौर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक ही नहीं हैं तो उन्हें मानदेय कैसे दे दिया गया। दरअसल, राजभवन ने कोल्हान विश्वविद्यालय समेत सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया था कि संविदा पर रखे गए सभी शिक्षकों की योग्यता की जांच की जाए और यूजीसी की ओर से शिक्षकों के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्य...
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