रांची, जनवरी 6 -- रांची, वरीय संवाददाता। देश के 26 करोड़ श्रमिकों को सीधे प्रभावित करने वाले जीरामजी कानून बिना किसी सार्वजनिक संवाद के पिछले दरवाजे से संसद के दोनों सदनों से आनन-फानन में पारित कर दिया और मजदूरों को पर थोप दिया गया। यह बात मंगलवार को एक्सआईएसएस सभागार में हुई प्रेसवार्ता में अर्थशास्त्री ज्यांद्रेज ने कही। आयोजन नरेगा वॉच ने किया था। ज्यांद्रेज ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2005 के मनरेगा कानून को एक नए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन जीरामजी कानून 2025 को पिछले 18 दिसंबर को पारित कर दिया। जबकि, मनरेगा को पारित करने में पिछले सरकार ने एक साल तक इस पर चर्चा की, इसके बाद लागू किया था। बलराम ने कहा कि नए कानून में केंद्र 60 फीसदी, राज्य 40 फीसदी है, जिससे राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ जाएगा। जेम्स हेरेंज ने कहा कि नए...