जमशेदपुर, फरवरी 9 -- जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों खासकर छात्राओं को रोज पांच से छह घंटे बिताना पड़ता है। ऐसे में अगर शौचालय और पानी की उचित व्यवस्था न हो तो सेहत पर असर पड़ना लाजिमी है। ऐसे स्कूलों की स्थिति पर अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शौचालय नहीं होने पर छात्राओं के लिए हमेशा डर बना रहता है। संक्रमण के साथ ही छेड़छाड़ की भी डर रहता है। सरकारी स्कूलों के आसपास सामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। ऐसे में छात्राएं कई बार शौचालय का प्रयोग करने से बचती हैं। ज्यादा देर तक यूरिन रोकने से छात्राओं को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या भी झेलनी पड़ती है। पीरियड्स के दौरान पैड बदलने में समस्याएं होती हैं। स्कूल प्रबंधन और सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही सभी स्कूलों में सिर्फ शौचालय ही नहीं पानी की भी व्यवस्था की जानी ...
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