लखनऊ, मई 14 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिना बिजली खरीदे दो दर्जन पावर प्लांटों को 6761 करोड़ रुपये का भुगतान पावर कॉरपोरेशन ने किया है। इस पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति और राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सवाल खड़े किए हैं। दोनों ही संगठनों का कहना है कि एक तरफ तो कॉरपोरेशन घाटे की बात कह रहा है और दूसरी तरफ बिजली खरीद के महंगे अनुबंध किए गए हैं। बिजली कंपनियों द्वारा दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) के आंकड़ों में भी साफ है कि बिजली खरीद की कुल रकम का 51% केवल फिक्स्ड चार्ज के तौर पर खर्च किया जाएगा। फिक्स्ड चार्ज वह रकम होती है, जिसे कंपनियों को अनिवार्य तौर पर भुगतान करना ही होता है, भले ही बिजली खरीदी जाए या नहीं। जानकारी के मुताबिक फिक्स्ड चार्ज के तौर पर भुगतान की गई रकम में से 3966.90 करोड़ रुप...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.