लखनऊ, नवम्बर 22 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता बेवजह व अधिक एंटीबायोटिक खाने से बचें। इसके दुष्प्रभाव से दस्त, मतली और लिवर को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा एंटीबायोटिक के अधिक सेवन से एंटीबायोटिक प्रतिरोध होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बैक्टीरिया पर एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम हो जाता है। डॉक्टर की सलाह पर ही इसे खाएं। ये जानकारी पीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित सीएमई में संस्थान के डीन डॉ. शालीन कुमार ने दी। एंटीबायोटिक जागरूकता, नवीन एंटीमाइक्रोबियल्स और एंटीमाइक्रोबियल स्टुअर्डशिप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका विषयक सीएमई का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को जागरूक करना। डॉ. विकास मंचन्दा और पीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रांगमेई एसके मारक और सीसीएम विभाग के डॉ. अफज़ल अज़ीम ने जानकारी साझा की। डॉ. विकास मंचन्दा...