मुजफ्फर नगर, मार्च 12 -- मुजफ्फरनगर। 40 साल के बाद आंखों की नियमित जांच से काला मोतियाबिंद की बीमारी होने से बचा जा सकता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बीमारी से आंखों की रोशनी जाने तक का खतरा है। अंत में दूरबीन से दिखने जैसी स्थिति की नौबत भी मरीज के सामने आने की परेशानी रहती है, लेकिन समय रहते मरीज नियमित दवाईयां खाने से मोतियाबिंद से होने वाली बड़ी दिक्कतों व आपरेशन से बच सकते हैं। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. स्वाति अग्रवाल बताती है कि काला मोतियाबिंद की बीमारी उम्र के साथ बढ़ती है। ज्यादातर यह बीमारी 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को घेरती है, लेकिन कई बार इससे कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होते हैं। यदि समय रहते इसकी पहचान कर नियमित उपचार लिया जाए तो यह बीमारी खत्म तो नहीं होगी, लेकिन इसको बढ़ने से रोका जा सकता है। डा. स्वाति ...
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