भागलपुर, जनवरी 15 -- भागलपुर। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) ने अपने संबद्ध सभी खिलाड़ियों की मनमानी पर पूर्ण रोक लगा दी है। पहले अवैध लीग और गैर-मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट पर पाबंदी थी, अब यह किसी भी प्रदर्शनी मैच पर भी लागू होगी। खिलाड़ी बिना अनुमति किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। उल्लंघन करने पर बीसीए संविधान के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई होगी। इस फैसले से भागलपुर समेत सूबे के सभी जिलों के पंजीकृत खिलाड़ियों में हड़कंप मच गया है। बीसीए को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि खिलाड़ी अवैध लीग में पैसे के लालच में खेलते हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि बीसीए खिलाड़ियों को फिट रखने और बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करती है, लेकिन वे जहां-तहां मैच खेलकर चोटिल हो जाते हैं। इससे बीसीए की छवि खराब होती है और टीम प्रभावित होती ...
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