नई दिल्ली, जनवरी 14 -- उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग की राहत योजना में कोताही बरतने पर मंडल स्तर पर समीक्षा के बाद 10 जेई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, योजना में बिल्कुल रुचि न दिखाने वाले पांच अभियंताओं को अलग से नोटिस देकर जवाब तलब मांगा है। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि समीक्षा बैठक में पाया गया कि मंडल के करीब नौ लाख उपभोक्ताओं को योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन इसके मुकाबले पंजीकरण और जागरूकता की रफ्तार बेहद धीमी है, महज एक दो पंजीकरण किए जा रहे हैं। कई फीडरों और उपकेंद्रों पर अभियंताओं की निष्क्रियता के कारण उपभोक्ता योजना से वंचित रह जा रहे हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि फरवरी तक योजना है और इसकी धीमी रफ्तार को तेज किया जाए। इसके लिए प्रत्येक उपकेंद्र पर विशेष...