बरेली, जनवरी 10 -- बरेली। बिजली निगम में उपभोक्ताओं के बिल रिवीजन के नाम पर करोड़ों का खेल किया गया। जानकारी पर जांच शुरू हुई तो मामला शहर में वर्टिकल व्यवस्था शुरू होने के पहले का निकला। शहर के तृतीय वितरण खंड के दो अधिशासी अभियंता शुरुआती जांच में दोषी पाए गए हैं। मामले में और घोटाला होने व पूरे प्रदेश में इस तरह की घटना होने का अंदेशा जताते हुए मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी से की गई है। मुख्य अभियंता वितरण ज्ञान प्रकाश ने बताया कि तत्कालीन अधीक्षण अभियंता नगर ब्रह्मपाल ने उपभोक्ताओं से पूरा बकाया बिल नकद या सीधे जमा करवा कर विभागीय ऑनलाइन पोर्टल पर बिल को कुछ रुपये में रिवाइज करने का खेल पकड़ा था। इसमें उपभोक्ताओं को फायदा करने के साथ अधिकारी व कर्मचारी अपनी जेब भर रहे थे और विभाग को नुकसान पहु...