सोनभद्र, जनवरी 7 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि उपभोक्ताओं के हितों को दरकिनार कर बिजली वितरण निगमों का निजीकरण करने का कोई भी एकतरफा निर्णय लिया गया तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी। देश भर के तमाम बिजली कर्मचारी राष्ट्रव्यापी आन्दोलन प्रारम्भ करने हेतु बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों की होगी। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि एक ओर राज्य सरकार निजीकरण का निर्णय लेकर पॉवर सेक्टर में निजी क्षेत्र का एकाधिकार स्थापित करने में लगी है वहीं अब केन्द्र सरकार वित्तीय पैकेज के नाम पर बिजली वितरण निगमों के निजीकरण, फ्रेंचाइजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के जरिए सरकारी विद्युत वितरण निगमों का नेटवर्क निजी घरानों को इस्तेमाल करने की अनुमति देने की तैयारी कर रही...