वाराणसी, जनवरी 27 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अभियंताओं और विजिलेंस टीम जीपीएस युक्त बॉडी वोर्न कैमरों से लैस होगी। यूपी पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन की अनुमति मिल गई है। इससे बिजली विभाग की मनमानी पर प्रतिबंध लगेगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। दरअसल, बिजली चोरी के मामलों में छापेमारी के समय छोटे उपभोक्ताओं को फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी देकर परेशान किया जाता था। जबकि, सांठगांठ के बाद वसूली कर बड़े बिजली चोरों को छोड़ दिया जाता था। इस पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी के समय बॉडी वोर्न कैमरा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि हर एक गतिविधि रिकॉर्ड हो सके। खास बात यह कि जीपीएस युक्त कैमरे होने से ये भी पता चलेगा कि टीम किस स्थान पर है। कितनी देर तक छापेमारी की और किस प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है। इससे...
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