हल्द्वानी, अगस्त 2 -- नैनीताल, संवाददाता। हाईकोर्ट ने बिजली की लाइन को दुरुस्त करते समय होने वाली दुर्घटनाएं रोकने को लेकर दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की। अदालत ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के जीएम को इस पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। साथ में उनसे हादसे के कारण भी पूछे हैं। कहा कि जिन कर्मचारियों से ऊर्जा निगम काम ले रहा है, क्या उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। हादसे के शिकार लोगों के परिजनों को कितना मुआवजा दिया जा रहा है। इस पर भी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। मामले मे मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंदर और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने सुनवाई की। मामले के अनुसार, हरिद्वार निवासी कृष्णकांत ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि यदि किसी उपभोक्ता के घर में बिजली नहीं आती है, ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.