बुलंदशहर, जनवरी 29 -- बिजली के निजीकरण के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पांच फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों मे आंदोलन करेगी। मंगलवार को माकपा के जिला कार्यालय पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। निजीकरण के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरु कर दी है। बैठक में क्षेत्रीय कमेटी के संयोजक कामरेड डीपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी के तहत स्मार्ट मीटर लगाने, लाइन लॉस को उपभोक्ताओं पर डालने, पीक आवर्स (बिजली की अधिक खपत की अवधि) में बिजली की बढ़ी दर वसूलने, किसानों की बिल माफी के लिए नलकूपों पर मीटर लगवाने की शर्त थोपने, कर्मचारियों की स्थाई भर्ती बंद करने जैसे जनविरोधी निर्णय कर रही है। निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सलाह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.