लखनऊ, अगस्त 9 -- लखनऊ। विशेष संवाददाता। निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति ने रक्षा बंधन के दिन जन सम्पर्क अभियान चलाते हुए पावर कारपोरेशन से सवाल पूछे और कहा कि 255 दिन से चल रहा आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक निजीकरण का फैसला पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त समर्थन मे संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने शनिवार को आवासीय कॉलोनियों में जनसंपर्क कर निजीकरण से होने वाले नुकसान से लोगों को अवगत कराया। संघर्ष समिति ने ऑनलाइन बैठक कर संघर्ष की रणनीति की समीक्षा की । ऑनलाइन बैठक में सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर से संकल्प व्यक्त लिया कि निजीकरण के विरोध में विगत संघर्ष समिति ने पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन से पूछा कि क्या निजी कॉरपोरेट घरानों की सहूलियत की दृष्टि से निजीकरण के पहले ही बड़े पैमाने पर लगभग ...