लखनऊ, जून 15 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता निजीकरण के मसौदे पर अभिमत देने का प्रस्ताव नियामक आयोग पहुंचने पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को आयोग के समक्ष मौन विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। साथ ही पावर कॉरपोरेशन द्वारा शनिवार देर रात किए गए स्थानांतरण को भी मनमाना बताते हुए भी पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि जानकारी में आया है कि आयोग निजीकरण की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) पर अभिमत देने जा रहा है। आरएफपी जिस सलाहकार कंपनी ने तैयार की है, उसकी नियुक्ति ही अवैध है। पूरा प्रकरण आयोग की जानकारी में है। इसके अलावा नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार वर्ष 2020 में पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष थे। तब सरकार के साथ निजीकरण पर बिजली कर्मचारियों का समझौता हुआ था कि बिना कर्मचा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.