लखनऊ, अक्टूबर 28 -- बिजली कर्मचारियों ने बिजली संशोधन बिल-2025 वापस लेने की मांग की है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इसके खिलाफ आंदोलन चलाने की घोषणा की है। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि सरकार इस संशोधन बिल से पूरे ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण करना चाहती है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने 9 अक्तूबर को बिल का प्रारूप जारी किया है और इस पर सभी हितधारकों से सुझाव और शिकायतें मांगी हैं। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि मुंबई में तीन नवंबर को बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक होगी। उसमें इस प्रस्तावित बिल के विरोध के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। उसी बैठक में निजीकरण के विरोध को तेज करने पर भी फैसला होगा। उन्होंने कहा कि संशोधन बिल की धारा 14, 42 और 43 के माध्यम से नि...
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