लखनऊ, फरवरी 7 -- बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का बकाया 51 हजार करोड़ रुपये बराबर करने के लिए बिजली दरों में कटौती की मांग की गई है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि जब आयोग ने बिजली कंपनियों के दावों को सुनवाई के लिए स्वीकार लिया है, तो अब सरकार को बकाया के एवज में कटौती का प्रस्ताव नियामक आयोग में दाखिल करना चाहिए। उपभोक्ता परिषद का दावा है कि अगर पांच साल तक हर साल 10 प्रतिशत कटौती की जाए तब इस बकाए का हिसाब बराबर होगा। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि वह वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्ताव के विरोध में प्रस्ताव दाखिल करेंगे। बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का तकरीबन 51 हजार करोड़ रुपये बकाया हैं। ऐसे में इस राशि का लाभ मिलना उपभोक्ताओं का संवैधानिक अधिकार है। बिजली कंपनियों पर रकम बक...
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