बिजनौर, नवम्बर 26 -- बिजलीघर पर आंदोलन को लेकर नहटौर में हुए बवाल के मामले में न्यायालय ने संगीन धाराओं में 14 नामजद लोगों को दोषमुक्त पाते हुए बरी कर दिया। वही मामूली धाराओं में सारिका सहित तीन लोगो को सजा हुई। बसपा शासन काल में हुए बिजली इस आंदोलन की गूंज लखनऊ तक सुनाई दी गई थी। 31 मई 2010 में बिजली की समस्या को लेकर नहटौर में बिजलीघर पर बड़ा आंदोलन हुआ था। उस समय इंडियन जस्टिस पार्टी की नेत्री (वर्तमान आम आदमी पार्टी) सारिका चौधरी के नेतृत्व में आंदोलन हुआ था। प्रशासन ने सारिका चौधरी सहित 26 लोगों को नामजद व सैकड़ो अज्ञात लोगों के खिलाफ आगजनी, जानलेवा हमला, मार्ग अवरुद्ध करने सहित अनेक संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बताया जाता है कि 26 नामजद लोगों में से 18 लोगों के खिलाफ पुलिस द्वारा चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। इस बहुत ...