लखनऊ, अगस्त 6 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता अंग्रेजों भारत छोड़ो और काकोरी कांड की पूर्व संध्या पर बिजली कर्मचारी गुरुवार को औद्योगिक समूहों सार्वजनिक क्षेत्र में ऊर्जा क्षेत्र छोड़ो अभियान चलाएंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सभी बिजली कर्मचारियों से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2047 में विकसित भारत की संकल्पना में सबसे बड़ा बाधक ऊर्जा क्षेत्रों का निजीकरण होगा। औद्योगिक समूह मुनाफे के लिए काम करने आएंगी। बिजली की दरों में इजाफा होगा। निजीकरण प्रदेश के किसानों, गरीब और माध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं के लिए अंधेरे का संदेश लेकर आएगा। लिहाजा इससे निजात पाने के लिए 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' आंदोलन की तर्ज पर औद्योगिक समूहों सार्वजनिक क्षेत्र में...
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