लखनऊ, नवम्बर 28 -- निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का आंदोलन जारी है। यह आंदोलन शुक्रवार को दूसरे वर्ष में प्रवेश कर गया। बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने ऐलान किया है कि किसानों और उपभोक्ताओं को साथ लेकर आंदोलन निजीकरण के खात्मे और उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां खत्म होने तक लगातार जारी रहेगा। संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन झूठे आंकड़ों और दमन के बल पर प्रदेश के 42 जनपदों का निजीकरण करने पर आमादा है। मगर सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के बावजूद प्रदेश के बिजली कर्मी उपभोक्ताओं को साथ लेकर विगत 366 दिन से सफलता पूर्वक आंदोलन चला रहे हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि संघर्ष के दूसरे वर्ष में आंदोलन तेज करने के विस्तृत कार्यक्रमों को अगले सप्ताह घोषित कर दिया जाएगा। उधर, शुक्रवार को लगातार 366वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रदेश के...
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