नई दिल्ली, दिसम्बर 22 -- भारत ने न्यूजीलैंड के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के हितों को प्राथमिकता दी है। इस कारण कुछ कृषि उत्पादों, डेयरी उत्पादों, डेयरी से बनी चीजों (जैसे पनीर, दूध) और कॉफी, मसाले, दालें और कुछ सब्जियों को समझौते से बाहर रखा है। इन संवेदनशील क्षेत्रों में न्यूजीलैंड को कोई शुल्क रियायत नहीं दी जाएगी। समझौते के तहत जिन उत्पादों को 'शुल्क रियायत सूची' से बाहर रखा गया है, उनमें डेयरी उत्पाद (दूध, क्रीम, दही, पनीर), पशु उत्पाद (भेड़ के मांस को छोड़कर), सब्जी उत्पाद (प्याज, चना, मटर, मक्का), चीनी, कृत्रिम शहद तथा पशु, वनस्पति या सूक्ष्मजीव आधारित वसा एवं तेल शामिल हैं। इनके अलावा हथियार और गोला-बारूद, रत्न एवं आभूषण, तांबा और उससे बने उत्पाद और एल्युमिनि...
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