अररिया, जनवरी 31 -- फारबिसगंज, एक संवाददाता। सीमावर्ती अररिया जिले की सबसे बड़ी व्यवसायिक मंडी फारबिसगंज का उद्योग जगत बड़ी उम्मीद के साथ रविवार को पेश होने वाले बजट की ओर टकटकी लगाए बैठे हंै। हर किसी की निगाहें सरकार पर टिकी हैं, जो न सिर्फ नए उद्योगों को जन्म दे सके बल्कि पीढ़ियों से चले आ रहे पारंपरिक कारोबार को भी संजीवनी दे। करोड़ों रुपये का टैक्स देने वाला यह वर्ग साफ शब्दों में कह रहा है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस फैसलों की जरूरत है। शहर के उद्योगपति व कारोबारियों का मानना है कि अगर इस बार का बजट सही मायनों में व्यापार, उद्योग के अनुकूल रहा तो अररिया जिला एक बार फिर औद्योगिक नक्शे पर मजबूती से उभर सकता है। अररिया ऐतिहासिक रूप से मखाना, जूट,मक्का, गेहूं,चावल,दवा,ट्रांसपोर्ट,रेडीमेड कपड़ों और लघु उद्योगों का बड़ा केंद्र रहा है। यह...