सुपौल, जून 2 -- कहरा, एक संवाददाता।रोहणी नक्षत्र प्रारम्भ होते ही अधिकतर किसान द्वारा खरीफ धान के बिचरा के लिए नर्सरी की तैयारी शुरू कर दिया गया है। इन किसानों के अनुसार नर्सरी तैयार करने के लिए कृतिका नक्षत्र में सर्वप्रथम खेतों की जुताई किया जाता है। रोहणी नक्षत्र में भी खेत का अच्छी तरह पुनः जुताई किया गया। तीन - चार दिन में बारिश हुआ तो कोई बात ही नहीं अन्यथा पम्पसेट से खेतों की पटवन करवा बिचरा के लिए धान की बीज डालना शुरू करेंगे। यह बतादें कि मध्यम जल जमाव बाले जमीन रहने के कारण इस क्षेत्र में आद्रा नक्षत्र शुरू होते ही खेतों में धान के बिचरों की रोपणी शुरू कर दी जाती है। वहीं उंचे खेतों में देर कर रोपणी की जाती है। इसलिए वैसे किसान मृगिसरा नक्षत्र में या फिर देर कर बिचरा के लिए नर्सरी तैयार करते हैं। किसानों के अनुसार रोहणी एवं मृगि...
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