पटना, फरवरी 6 -- बिग अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल पटना में औरंगाबाद की पांच वर्षीय अंशु कुमारी का इंडोस्कोपिक रेट्रोग्रेड क्लोजीओपेनक्रिटोग्राफी (ईआरसीपी) विधि से दो पथरियां निकाली गईं। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों में ईआरसीपी विधि अत्यंत जटिल व क्रिटिकल प्रक्रिया मानी जाती है। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल जानकारी के अनुसार बच्ची को सीबीडी में पथरी की समस्या थी। जांच के बाद डॉ. पंकज की टीम ने बच्ची का ईआरसीपी कर सीबीडी में मौजूद दो पथरियों को निकाल दिया। इस दौरान सीबीडी में स्टेंट भी लगाया गया है जिसे 6 से 8 सप्ताह के बाद इसे हटाने की योजना है।
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