फरीदाबाद, सितम्बर 13 -- फरीदाबाद, कार्यालय संवाददाता। स्मार्ट सिटी में बाढ़ का असर अब खत्म हो चुका है। लेकिन अब यहां के किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बाढ़ से उनकी सारी फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे उन्हें लाखों का नुकसान हुआ है। सबसे अधिक दिक्कत पट्टे पर जमीन लेकर खेती करने वालों को हो रही है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार फरीदाबाद जिले में करीब 30 हजार हेक्टेयर भूमि पर कृषि कार्य किया जाता है। इसके हिसाब से जिले में करीब 75 हजार एकड़ भूमि पर कृषि कार्य किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश भूमि यमुना के किनारे है। यमुना किनारे करीब दस हजार हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। बताया जा रहा है कि यमुना किनारे स्थित गांवों के अधिकांश किसान खेती के लिए अपनी ...
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