अलीगढ़, मार्च 18 -- शीतला माता को समर्पित बासौड़ा पर्व पर सुबह से मंदिरों पर महिलाओं की भारी भीड़ रही। संतान की सलामती के लिए की जाने वाली पूजा की तैयार एक दिन पहले ही कर ली गई थी। महिलाओं ने एक दिन पहले पूरी, हलवा, मीठे चावल आदि बनाए। सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में शीतला माता की पूजा की। इसके बाद बासी पकवानों को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। मान्यता है कि शीतला देवी चेचक, चिकन पॉक्स, खसरा और इसी तरह की बीमारियों को ठीक करती हैं। परिवार इन बीमारियों से अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए उनकी पूजा करते हैं। इसी को लेकर रविवार की रात को महिलाओं ने घर में शीतला माता के लिए पकवान बनाए। थाली में आटे के दीपक, रोली, हल्दी, अक्षत, वस्त्र, बड़कुले की माला, मेहंदी, सिक्के रख कर पूजा की तैयारी की। सोमवार को सूर्योदय से पूर्व ही ब्रह्म मुहूर्त में मंदिरों म...
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