दुमका, सितम्बर 23 -- जरमुंडी प्रतिनिधि। बाबा बासुकीनाथ के फौजदारी दरबार में आदि शक्ति मां दुर्गा की विभिन्न स्वरूपों में साधना की जाती है। बासंतिक हो या शारदीय नवरात्र अथवा आषाढ़, माघ मास में होनेवाली गुप्त नवरात्रिक पूजा, यहां भगवती आदिशक्ति की साधना वर्षभर होती है। बासुकीनाथ के हवन कुंड में आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि के उपलक्ष्य पर पूरे नियम निष्ठा के साथ मां शैलपुत्री की अराधना भक्ति भाव से की गई। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन सोमवार को प्रतिपदादि कल्पारंभ पर मां आदिशक्ति भगवती दुर्गा की नवरात्रिक पूजा के लिए कलश स्थापना की गई। बता दें कि कि बासुकीनाथ मंदिर के हवन कुंड में प्राचीन समय से चारों नवरात्रि में विहित पूजा अर्चना की जा रही है। नवरात्रि के पहले दिन सोमवार को मां शैलपुत्री की पूजा हुई। इसी प्रकार द्वितीया तिथि को ब्रह्मचारिणी, तृ...
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