कानपुर, दिसम्बर 11 -- शासन के निर्देश पर जिले को एक साल में बाल श्रम से मुक्त बनाने की कवायद तेज हो गई है। प्रथम चरण में बालश्रम के खिलाफ शुरू हुए एक पखवारे के अभियान में श्रम विभाग, पुलिस और प्रोबेशन विभाग की संयुक्त टीम ने दस दिन में 29 बच्चों व किशोरों को विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों से मुक्त कराया गया है। साथ ही सेवायोजकों के खिलाफ मुकदमों की कार्रवाई शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को 2027 तक बालश्रम से मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। बल श्रम बच्चों के विकास, शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव श्रम ने प्रथम चरण में कानपुर व देवीपाटन मंडल के सभी जिलों को बाल श्रम सेमुक्त कराने के लिए दिसंबर 2026 तक की समय सीमा तय की है। शासन का निर्देश मिलने के बाद जिले में इसकी कवायद तेज हो गई है। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.