शामली, दिसम्बर 12 -- भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशों के तहत जिले में चल रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गुरुवार को राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज, झिंझाना में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुशफेकीन के दिशा-निर्देश पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनों और दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी गई। महिला कल्याण विभाग से शुभम शर्मा ने बताया कि बाल विवाह से बालिकाओं के शारीरिक विकास, शिक्षा व मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराना कानूनन अपराध है, जिसके लिए दो वर्ष तक का कारावास और एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। अंत में कार्यक्रम में मौजूद सभी छात्र-छात्...