श्रावस्ती, जनवरी 4 -- श्रावस्ती। मिशन शक्ति अभियान के तहत रविवार को पुलिस की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं व बालिकाओं को उनकी सुरक्षा के साथ ही बाल विवाह न करने के लिए जागरूक किया गया। महिला थानाध्यक्ष पुष्पलता ने जागरूक करते हुए कहा कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। ऐसा करने वाले माता-पिता, पंडित व मौलवी तथा रिश्तेदारों को भी दो वर्ष तक की कैद व एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। ऐसे में जब तक लड़के की उम्र 21 वर्ष व लड़की की उम्र 18 वर्ष पूरी न हो जाए तब तक उनका विवाह कदापि न करें। उन्होंने कहा कि बाल-विवाह करने, कराने व उसमें शामिल होने वाला प्रत्येक व्यक्ति दोषी होगा। यही नहीं विवाह में अपनी सेवा देने वाले नाई, रसोइयों, बैंड व टेंट वाले जो भी वहां शामिल होंगे सभी समान सजा व जुर्माने के भागी होंगे। यदि ऐसा...
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